फर्जी डॉक्टरों ने समाचार कवरेज करने गए पत्रकारों पर किया हमला
फर्जी डॉक्टरों ने समाचार कवरेज करने गए पत्रकारों पर किया हमला
कथित डॉक्टरों ने पत्रकारों का कैमरा छीनने का किया प्रयास
फर्जी डॉक्टर सहित आठ पर कैंट थाने में मुकदमा
वाराणसी। शहर से लेकर देहात तक इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की बड़ी-बड़ी अस्पताल बेरोकटोक के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इस खेल के पीछे आखिरकार किसका हाथ है।जिससे फर्जी डॉक्टरों को तनिक भी डर नहीं लगता है। ऐसा ही वाकया आज कैंट थाना क्षेत्र के पांडेपुर स्थित नईबस्ती में फर्जी ढंग से संचालित हो रहे सद्गुरु हॉस्पिटल में देखने को मिला है।हुआ यूं कि कैंट थाना क्षेत्र के पांडेयपुर नईबस्ती स्थित एक तथाकथित डॉक्टर वैद्यनाथ पाल द्वारा सद्गुरु हॉस्पिटल का फर्जी ढंग से संचालन किया जा रहा था। इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के साथ चैनलों पर खबर चलाया था।जिससे फर्जी डॉक्टरों में हड़कंप मच गया था। फर्जी डॉक्टर का मामला मीडिया में आने के बाद सीएमओ द्वारा उक्त अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया था। रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद भी फर्जी डॉक्टर अपने स्टाफ कर्मचारियों को लेकर नर्सिंग होम के मेन गेट पर ताला बंद कर पीछे के दरवाजे से अपने फर्जी अस्पताल का संचालन कर रहा था। फर्जी ढंग से अस्पताल का संचालन होने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लोग भी मौके पर पहुंच कर हंगामा करने लगे।घटना की सूचना जब इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को हुई तो वह भी काफी संख्या में मौके पर पहुंचकर खबर कवरेज करने के साथ विजुअल वाइट बनाने लगे। जिससे फर्जी नर्सिंग होम संचालक आग बबूला होकर अपने कर्मचारियों के साथ पत्रकारों पर हमला बोल दिया। जिससे कई पत्रकार घायल हो गए हमले में घायल पत्रकार केंट थाने पर पहुंचकर सद्गुरु हॉस्पिटल के संचालक वैद्यनाथ पाल सहित 8 अन्य के खिलाफ कैमरा छीनने के साथ गाली गलौज जान से मारने की धमकी सहित कई अन्य धाराओं में तहरीर दिया है। पीड़ित पत्रकारों के अनुसार सद्गुरु हॉस्पिटल का संचालक बीएचयू के यूरोलॉजी में टेक्नीशियन के पद पर तैनात है। अस्पताल के संचालक द्वारा भी कई पत्रकारों के खिलाफ मारपीट रंगदारी के साथ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए कैंट थाने में तहरीर दी गई है। सीएमओ वीबी सिंह ने बताया कि सद्गुरु हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है उसके खिलाफ अपराधिक कार्यवाही के लिए पुलिस अधिकारी को पत्र लिखा जाएगा।
19 अक्टूबर 19