अहंकार में बिलाई व्हाट्सपिया पत्रकार की विरासत,अब जेल जाना तय

नंदलाल पाठक के भ्रष्ट करतूतों का विवरण निम्नवत है।

1-नंदलाल पाठक के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 204/18 धारा 419,420, 467,468,504,506 आईपीसी थाना जंसा।

2- नंदलाल पाठक के खिलाफमुकदमा अपराध संख्या 14/19 धारा 452,323,504,506,354 आईपीसी थाना जंसा।

3- नंदलाल पाठक के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या निल/19 धारा 110 जी थाना जंसा।

4- नंदलाल पाठक के खिलाफ अपराध संख्या 237/19 धारा 500 आईपीसी 67 आईटी एक्ट थाना जंसा।

5- नंदलाल पाठक वाद संख्या 117/16  एसीजीएम 10th यायालय वाराणसी। पत्नी को छोड़ने के बाद पत्नी द्वारा घरेलू हिंसा का मुकदमा।

6- नंदलाल पाठक वाद संख्या 447/16 न्यायालय प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय वाराणसी। पत्नी के साथ घरेलू हिंसा व गुजारा भत्ता दिए जाने के संबंध में।

7- नंदलाल पाठक के पास पत्नी एक भी नहीं, परंतु कागज पर 2 बड़े-बड़े पुत्र पैदा हो गए हैं।

8- धोखे में रखकर 2 बैंकों से ऋण लेने के मामले में दोनों बैंकों ने वसूली भी कर लिया है।

9- एक जीवित परिवार के संपूर्ण लोगों को मृतक दर्शा कर एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दाखिल कर दिया गया है।

10- विपन्न बन कर राशनकार्ड पर गरीबों का ले रहे थे अनाज निरस्त हो चुका है।

11- नंदलाल पाठक ने सरकारी भूमि पर जबरन कब्जा करके भवन निर्माण करा रहा था,एस डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने नीव तक पटवा कर अवैध निर्माण के लिए गिरे ईट बालू को भी हटवा दिया था।

12--नंदलाल पाठक ने जल खाते की भूमि पर हुए एक व्यक्ति के नाम से फर्जी पट्टे के आधार पर जमीन कब्जा करवा रहा था। मुख्य राजस्व अधिकारी ने 18 जनवरी 19 को फर्जी पट्टा निरस्त करते हुए पुनः ग्राम समाज के नाम से जल खाता करने का आदेश राजस्व विभाग को दिया है।

13- नंदलाल पाठक ने गांव के ही अपने एक करीबी के लिए सरकारी नाली पर लगभग 200 मीटर खड़ंजे का निर्माण प्रधान से मिलकर करवा दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर बीडीओ ने 1 सप्ताह के अंदर संपूर्ण खड़ंजा उखड़वा दिया।

14- नंदलाल पाठक ने सरकारी चकरोड को भी जोत कर अपने खेत में मिला लिया है। पैमाइश के दौरान चकरोड खाली करने का निर्देश हुआ है।

15-  नंदलाल पाठक ने 16 वर्षों से लापता अपने बड़े भाई गोपाल पाठक का फर्जी हस्ताक्षर एसडीएम कोर्ट में बना रहा था।

16- नंदलाल पाठक के बाबा द्वारिका पाठक मड़हा में दो गाय दो बैल जिंदा जलाकर मारने के आरोपी रहे हैं।

17- नंदलाल पाठक सोनबरसा में एक महिला से अवैध संबंध रखने के चक्कर में इसी गांव के पूर्व प्रधान जोगेंद्र राम दलित के हाथों से बुरी तरह पीटा भी गया था।

18- बसवरिया गांव में नंदलाल पाठक के कहने पर धोखे से प्रधान द्वारा सरकारी नाली पर 200 मीटर खड़ंजा लगवा दिया गया था।ग्रामीणों के विरोध पर संपूर्ण खड़ंजे को प्रशासन ने 2 दिन के अंदर उखड़वाकर नाली की भूमि खाली करवा दिया।

19- नंदलाल पाठक ने बसवरिया गांव के एक विकलांग व्यक्ति से उसकी भूमि की पैमाइश करवाने के नाम पर ₹13000 हड़प लिया है।

20- नंदलाल पाठक ने सैनिक कल्याण बोर्ड वाराणसी में भी झूठा प्रार्थना पत्र देकर उसमें लिख दिया था कि मैं 35 वर्ष से यहां संविदा पर नौकरी कर रहा हूं।मुझे परमानेंट किया जाए। जांच उपरांत पता चला कि यह 35 वर्ष नहीं संविदा पर कभी वहां नियुक्ति ही नहीं हुई थी।

21- नंदलाल पाठक अपने भ्रष्ट करतूतों के चलते अपनी लगभग ढाई बीघे पैतृक भूमि भी गिरवी रख दिया है,अब शेष भूमि 14 बिस्वा उसके पास बची है।

ध्यान दे सम्पूर्ण मामलों में कानूनी कार्यवाई हुई  है।

जरूरत पड़ने पर नंदलाल पाठक के और भ्रष्ट करतूत आप लोगों के समक्ष उजागर किये जायेगे।।