भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी हटाए गए,कई अन्य पर भी गिर सकती है गाज !

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी हटाए गए,कई अन्य पर भी गिर सकती है गाज !

वाराणसी। जग जाहिर है कि अमर उजाला के एमडी श्री राजुल माहेश्वरी व उनका परिवार अपनी कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बदौलत भारत के प्रिंट मीडिया जगत में अमर उजाला की एक मजबूत पकड़ बनाकर सच को जिंदा  रखने का कार्य किया है।ऐसे में यदि उनकी कड़ी मेहनत और ईमानदारी पर उन्ही के संस्थान का कोई संपादक या समाचार संपादक पानी फेरने की कोशिश करे तो भला वह कैसे बर्दास्त कर सकते हैं। इसीलिए तो उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अमर उजाला वाराणसी यूनिट के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी को वाराणसी से हटाने का निर्णय लिया है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो फोन से  स्थानांतरण होने की जानकारी संपादक को दे दी गई है।अमर उजाला के एमडी द्वारा लिए गए इस निर्णय की सर्वत्र सराहना हो रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी ने  सोमवार की रात  अमर उजाला वाराणसी के कार्यालय में अपने करीबी सिपहसलाहकारों को पास बुलाकर मेरठ स्थानांतरण होने की बात बतायी। समझा जाता है कि आदेश मिलते ही  संपादक मेरठ के लिए रवाना हो जाएंगे।चर्चा यह भी है कि  अन्य आरोपियों पर भी गाज गिर सकती है ? बता दें कि अमर उजाला वाराणसी यूनिट के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी,समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा व क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी लगभग तीन वर्षों से अपने पद का ख्याल किए बगैर संस्थान के संवाददाताओं से खबर छपवाने व रुकवाने तथा नए संवाददाताओं की नियुक्ति करने के नाम पर रुपए व शराब की वसूली करने लगे थे। इस मामले में वाराणसी जिले के सेवापुरी संवाददाता घनश्याम पाठक ने रुपया व शराब  वसूलने से संबंधित ऑडियो, वीडियो व फोटो के साथ शिकायती पत्र अमर उजाला के एमडी श्री राजुल माहेश्वरी को भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।समझा जाता है कि अमर उजाला के एमडी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संपादक राजेंद्र त्रिपाठी को अमर उजाला वाराणसी यूनिट से हटाकर अन्यत्र भेज दिया है। इस मामले में संवाददाता घनश्याम पाठक ने शासन के साथ वाराणसी के एडीजी जोन व आईजी रेंज को पत्रक देकर अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी,समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा व क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के खिलाफ जबरन खबरों के नाम पर रुपया व शराब वसूलने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की थी। शासन के निर्देश पर एसपी क्राइम तथा एडीजी जोन के निर्देश पर एसपी देहात को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। एसपी क्राइम ने उपरोक्त आरोपियों के प्रभाव में आकर तथ्य से हटकर गलत तरीके से जांच रिपोर्ट आरोपियों के पक्ष में भेजकर आईजीआरएस का निस्तारण कर दिया था। परंतु पीड़ित पत्रकार घनश्याम पाठक ने एसपी क्राइम के गलत रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए सीएम के साथ एडीजी जोन, आईजी रेंज,एसएसपी व एसपी देहात को पत्र भेजकर पुनः जांच कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की है। वहीं एसपी देहात के यहां जांच आज भी लंबित है।इस मामले में यदि शासन के साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों से पीड़ित पत्रकार को न्याय नहीं मिला तो वह माननीय उच्च न्यायालय में संपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर रिट याचिका दायर कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।
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