पद-पावर को भुना रहे है अमर उजाला के एडिटर व न्यूज एडिटर, अपराधिक केस को प्रभावित करने के लिए SP क्राइम के समक्ष बयान देने में कर रहे है आनाकानी

पद-पावर को भुना रहे है अमर उजाला के एडिटर व न्यूज एडिटर, अपराधिक केस को प्रभावित करने के लिए SP क्राइम के समक्ष बयान देने में कर रहे है आनाकानी।

शिकायतकर्ता सहित क्राइम रिपोर्टर ने दर्ज कराया एसपी क्राइम के समक्ष बयान

वाराणसी। शासन के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामले में अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी,समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा के साथ क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के खिलाफ एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद द्वारा की जा रही जांच के मामले में अब तक शिकायतकर्ता घनश्याम पाठक व तीन अन्य के साथ भ्रष्टाचार के आरोपी रहे अमर उजाला के क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी का बयान दर्ज कराया जा चुका है। लेकिन एसपी क्राइम के कार्यालय की सूचना के बावजूद भी अमर उजाला के एडिटर राजेंद्र त्रिपाठी,न्यूज़ एडिटर प्रदीप कुमार मिश्रा बयान देने में आनाकानी कर रहे हैं। समझा यह जाता है कि तीनों आरोपी अमर उजाला संस्थान के नाम का बेजा इस्तेमाल करके मामले को दबाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि उपरोक्त तीनों भ्रष्टाचार के आरोपियों द्वारा अमर उजाला के रिपोर्टर रहे घनश्याम पाठक को तब संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जब उन्होंने उपरोक्त लोगों द्वारा खबरों के नाम पर शराब व रुपया वसूलने का विरोध करते हुए संस्थान के उच्च पदस्थ अधिकारियों को शिकायती पत्र के साथ ऑडियो,वीडियो व कई फोटो भेज कर कार्रवाई की मांग किया था। जिससे आरोपीगण उग्र होकर शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देने लगे थे। इस मामले में शिकायतकर्ता ने शासन को पत्र भेजकर उपरोक्त भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया था। शासन के निर्देश पर एसपी क्राइम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा एसपी क्राइम के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने के साथ आरोपियों द्वारा  शराब व रुपया  वसूले जाने से संबंधित एक पेन ड्राइव में ऑडियो,वीडियो व फोटो भी उपलब्ध करा दिया है। उपरोक्त भ्रष्टाचारी आरोपी गण अपने पद-पावर के बदौलत जांच को प्रभावित कर आपराधिक केस से बचने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। एसपी क्राइम  के कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमर उजाला के एडिटर व न्यूज़ एडिटर द्वारा अभी तक जांच अधिकारी के समक्ष बयान नहीं दर्ज कराया गया हैं। शिकायतकर्ता ने शासन के साथ पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग किया है कि  तत्काल प्रभाव से जांच की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए उपरोक्त भ्रष्टाचारियों के खिलाफ स्थानीय थाने में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराए जाएं।ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।
घनश्याम पाठक पुत्र स्वर्गीय शिवचरण पाठक- निवासी बसवरिया-थाना-जंसा-जिला -वाराणसी-यूपी।
मोबाइल नंबर-96 4838 11479648 8337 54.

23 अप्रैल 19