अमर उजाला के संपादक ने बनाया पुलिस को मोहरा,सुलह करो वर्ना तुम्हे जेल भिजवा दूंगा

अमर उजाला के संपादक ने बनाया पुलिस को मोहरा,सुलह करो वर्ना तुम्हे जेल भिजवा दूंगा

अमर उजाला संपादक के इशारे पर जंसा पुलिस मुझे कर रही है प्रताड़ित

बड़े भाइयो,मैं घनश्याम पाठक पुत्र स्व.शिवचरण पाठक निवासी बसवरिया थाना जंसा जिला वाराणसी (यूपी) का निवासी हूँ। दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला वाराणसी (यूपी) में जब से स्थापित हुआ तभी से मुझे सेवापुरी संवाददाता के पद पर नियुक्त किया गया था। मेरे द्वारा लगभग 18 वर्षों में सैकड़ों एक्सक्लूसिव खबरें भी  दी गई।जिसे समय-समय पर  अमर उजाला ने प्रकाशित भी किया है। वाराणसी अमर उजाला यूनिट के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी,समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा,क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी द्वारा खबरों के नाम पर  रुपया व शराब की वसूली की जा रही थी।जिसका मेरे द्वारा बिरोध किया गया था। उपरोक्त लोग मुझसे नाराज होकर पहले तो कई लोगों के माध्यम से मुंह बंद करने की धमकी दिए जब मैं उनकी बात मानने से इंकार कर दिया तो वह अपने पद पावर का उपयोग करते हुए वाराणसी पुलिस के उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाकर अब मुझे जंसा पुलिस से प्रताड़ित करवाना शुरू कर दिए। उजाला के संपादक,समाचार संपादक,क्राइम रिपोर्टर पुलिस के उच्चाधिकारियों पर इस बात का दबाव बना रहे हैं कि घनश्याम पाठक के ऊपर कई मुकदमे दर्ज है।आप लोगो को यह बताना चाहता हूँ कि जब मैं 18 साल तक सेवा किया तब इन्हें मुकदमे का ख्याल नही आया।अब जब हमने उपरोक्त लोगो के भ्रष्ट करतूतों का खुलासा कर दिया तो तरह तरह की धमकी मिलने लगी। उपरोक्त लोग पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाकर आज दिनांक 04-04-19 को जंसा पुलिस से प्रताड़ित करवाना शुरू कर दिए है।बतादे कि  जिन मुकदमो का आधार बनाया जा रहा है।वह मुकदमे 25 वर्ष पूर्व का है और न्यायालय जे साथ पुलिस की बिबेचना में समाप्त हो चुके है।कुछ मुकदमे तो अमर उजाला की वजह से दर्ज हुए थे। उपरोक्त लोगों के भ्रष्ट करतूतों को उजागर करने के कारण उपरोक्त लोग मुझसे नाराज होकर 02 फरवरी 19 को मुझे मौखिक रूप से संस्थान से निकाल दिया। मेरे द्वारा अमर उजाला वाराणसी यूनिट के संपादक राजेन्द्र त्रिपाठी समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा व क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के भ्रष्ट करतूतों की लिखित शिकायती पत्र,बीडीओ,आडियो,फोटोज अमर उजाला के एमडी राजूल माहेश्वरी व ग्रुप एडिटर उदय कुमार सिन्हा को मेल पर भेजने के साथ दिनांक 10 फरवरी 19 व 13 फरवरी 19 को रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से दी गई।शिकायत के बाद उपरोक्त आरोपीगण मुझे फर्जी मुकदमे में फ़साने या जान से मरवाने की धमकी देने लगे।जिस मामले की शिकायत दिनाक 02 मार्च 19 को एसएसपी वाराणसी को रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से की गई।कार्यवाई न होने पर मेरे द्वारा दिनांक 09 मार्च 19 को सीएम यूपी,डीजीपी यूपी,एडीजी जोन वाराणसी को ट्वीट करके कार्यवाई की मांग किया गया था।इस मामले में मैन पुनःसीएम यूपी को दिनांक 12 मार्च 19 को रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से शिकायती पत्र भेज कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाई की मांग किया।परंतु आज तक कोई कार्यवाई नही हुई।इस मामले में मेरे द्वारा 22 मार्च 19 को प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष को शिकायती पत्र के साथ बीडीओ,आडियो,फोटोज मेल पर भेज कर कार्यवाई की मांग की गई गई।संपादक व समाचार संपादक ने हटाने का कारण मुझे कुछ नही बताया।कुछ साथियो द्वारा यह जानकारी दी गई कि तीस वर्ष पूर्व के मुकदमो को आधार बना कर आपको हटाया गया है।जबकि उन मुकदमो में पुलिस की बिबेचना व कोर्ट से मैं दोषमुक्त हो चुका हूँ।

नोट श्रीमान जी, दिनांक 23 मार्च 2019 को समय 9.31 AM पर उपरोक्त शिकायत से संबंधित साक्ष्य आपके ईमेल आईडी secypci@nic.in व pcibppcomplaint@gmail.com पर मेरे द्वारा भेजा जा चुका है।

               घनश्याम पाठक
मो.9648381147 व 9648833754.
दिनांक-04-04-19