शासन के निर्देश पर अमर उजाला के एडिटर, न्यूज़ एडिटर व अन्य के खिलाफ जांच शुरू
शासन के निर्देश पर अमर उजाला के एडिटर, न्यूज़ एडिटर व अन्य के खिलाफ जांच शुरू
एसपी देहात व एसपी क्राइम के यहां पीड़ित पत्रकार ने दर्ज कराया बयान
वाराणसी।अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी,समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा व क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी के खिलाफ समाचार के नाम पर रुपए व शराब की वसूली करने का विरोध करने पर पीड़ित पत्रकार घनश्याम पाठक को संस्थान से हटाकर पुलिस से बर्बाद करवाने तथा जान से मरवाने की धमकी देने के मामले को शासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दे दिया है। शासन के निर्देश पर एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद तथा एडीजी जोन पीवी रामाराव शास्त्री के निर्देश एसपी देहात मार्तण्ड प्रताप सिंह को जांच का जिम्मा सौपा गया है। इस मामले में जांच अधिकारियों ने जांच भी शुरू कर दिया है।अमर उजाला के पीड़ित पत्रकार घनश्याम पाठक ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के यहां अपना बयान भी दर्ज करवा दिया है।बतादे कि अमर उजाला के संपादक राजेंद्र त्रिपाठी समाचार संपादक प्रदीप कुमार मिश्रा क्राइम रिपोर्टर पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी साजिश के तहत एक राय होकर खबर छापने व रोकने के नाम पर अपने अखबार के रिपोर्टरों से रुपये व शराब की वसूली करवाते थे। जिनके भ्रष्ट करतूतों का खुलासा अमर उजाला के सेवापुरी संवाददाता रहे घनश्याम पाठक ने करते हुए संस्थान के एमडी व ग्रुप एडिटर के साथ प्रेस काउंसिल आफ इंडिया को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग किया था। शिकायत से उपरोक्त आरोपी नाराज होकर शिकायतकर्ता को ही जान से मरवा देने या पुलिस से बर्बाद करवा देने की धमकी देने लगे थे। शिकायतकर्ता घनश्याम पाठक ने मामले की जानकारी संस्थान के एमडी व ग्रुप एडिटर को देने के साथ सूबे के सीएम,डीजीपी,एडीजी जोन,आईजी रेंज,एसएसपी के साथ एसपी देहात को रजिस्टर्ड पत्र,मेल ट्विटर के साथ निजी व्हाट्सएप पर भेज कर कार्रवाई की मांग किया था। पीड़ित पत्रकार ने एसपी क्राइम के यहां 12 अप्रैल 19 एवं एसपी देहात के यहां 15 अप्रैल 19 को अपना बयान दर्ज कराते हुए अमर उजाला के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारियों को रुपए व शराब वसूलने की ऑडियो,वीडियो और फोटो भी साक्ष्य के रूप में दिया है। अब देखना है कि अमर उजाला संस्थान के आड़ में भ्रष्ट करतूत करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही होती है या नहीं ? यह आने वाला समय ही बताएगा।
15 अप्रैल 19