पुलिस द्वारा तहरीर बदलकर मुकदमा लिखने के मामले में पत्रकारों ने CM डीजीपी को किया ट्वीट
थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग को लेकर पत्रकार हुए लामबंद
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जौनपुर जिले के एक सत्ताधारी विधायक के दबाव में नेवढ़िया थाना अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने क़ानून की धज्जिया उड़ाते हुए पत्रकार की तहरीर को बदलकर थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया।थानाध्यक्ष के इस कार्यवाही से आक्रोशित पत्रकारों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं डीजीपी को ट्वीट कर घटना की जानकारी देकर थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग किया है।इतना ही नहीं पुलिस ने सी न्यूज जौनपुर के ब्यूरो चीफ पीड़ित पत्रकार पंकज भूषण मिश्र व उनके अन्य पत्रकार साथी के खिलाफ मुकदमे के आरोपियों के मनगढ़ंत झूठी तहरीर पर घर में घुसकर तोड़फोड़ गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करवा दिया है। बता दें कि पत्रकार पंकज भूषण मिश्र अपने पत्रकार साथियों के साथ पिछले 8 जुलाई 18 को नेवढ़िया थाना क्षेत्र के तिवरान गांव में एक विवादित भूखण्ड पर पहुँच कर बिजुअल बाइट बना रहे थ। उसी दौरान तीन बदमाशो ने गाली गलौज तथा जान से मारने की धमकी देते हुए पत्रकारों पर टूट पड़े और उनका कीमती कैमरा छीन कर भाग गए थे।इस मामले में भुक्तभोगी पत्रकार पंकज भूषण मिश्र ने थानाध्यक्ष नेवढ़िया,एसपी देहात एवं एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर कार्यवाई की मांग किया था।परन्तु पुलिस अधिकारियो ने भाजपा विधायक के दबाव में आकर मुकदमा दर्ज नही किया।सोशल मीडिया में मामला जब वायरल हुआ तो नेवढ़िया थानाध्यक्ष ने एक महीने बाद यानि 8 अगस्त को पंकज भूषण मिश्र को थाने पर बुलवाकर एक नामजद व दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 504, 506,427 आईपीसी का मुकदमा दर्ज कर दिया।आश्चर्य की बात तो यह है कि थानाध्यक्ष द्वारा बदली गई तहरीर पर पीड़ित पत्रकार पंकज भूषण मिश्र का हस्ताक्षर ही फर्जी है।वही विधायक के दबाव में आरोपियों के झूठी तहरीर पर पत्रकार पंकज भूषण मिश्र व एक अन्य पत्रकार साथी के खिलाफ धारा 323, 504, 506, 427, 352, 452 आईपीसी का क्रास मुकदमा दर्ज कर दिया।पुलिस विधायक के नाक का सवाल बना कर पत्रकारों का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया है।