....आखिरकार क्यों हुआ पीपीसी का अवतरण !
आशीष सोनी की कलम से~
भदोही।जैसा कि आप सभी जानते है कि पूर्व में खड़ा किया गया संगठन रूपी बाग को जिस माली ने अपने खून पसीने से सींच कर हरा भरा किया आज उसी माली के सामने उसके द्वारा लगाए गए एकता रूपी वृक्ष को अहंकार रूपी "आरी" से काटा जाने लगा।जी हा हम बात कर रहे है वाराणसी में दो साल पूर्व जन्म लेने वाले उस संगठन की जिसने अपने पत्रकार भाईयो के साथ साथ समाज हित की भी लड़ाई लड़ी।जिसके मुखिया के रूप में अमर उजाला के पत्रकार घनश्याम पाठक के कंधों पर संगठन को खड़ा करने की जिम्मेदारी उस पावन भूमि काशी से दी गईं जंहा पर पहले से ही कई संगठन मजबूती का दम्भ भरते रहे है।चुनौतियां तो बहुत थी प्रशासन के दलाल से लेकर मंत्रियों,विधायको के तलवे चाटने वाले चाटुकारों अपने संगठन के जयचन्दो से भी खतरा होने लगा।लेकिन बाबा विश्वनाथ,बाबा काल भैरव की कृपा से वफादार साथियो के साथ से यह बाधा भी पार कर मजबूत संगठन का निर्माण संम्पन्न हो गया।अब लगने लगा कि वाराणसी मंडल में कोई तो संगठन है जो पत्रकार हितों की रक्षा के लिए 24 घन्टे तैयार है।
जिसका उदाहरण जौनपुर,भदोही,वाराणसी,चंदौली के दर्जनों मामले है।जिसमे भदोही के बिमलेश दूबे का SCST एक्ट कांड मिनी गुंडा एक्ट या हाल के दिनों में संपादक विनय मौर्या के ऊपर गलत ढंग से लगाये गए फर्जी मुकदमे का मामला रहा हो।सभी में घनश्याम पाठक अपनी टीम के साथ कदम से कदम मिला कर खड़े रहे।
समाज हित की बात करे तो प्रदेश में भयावह बाढ़ की स्थिति रही हो या अस्पताल में मरीज के शोषण की।वंहा हर जगह के नेतृत्वकर्ता ने अपनी अहम भूमिका निभाई।
लेकिन जिस संगठन की नींव वाराणसी मंडल में ईमानदारी,वफादारी,जिम्मेदारी और नैतिकता के आधार पर रखा गया
उस संगठन का शीर्ष नेतृत्व ही खोखला निकला।संगठन को जिसने अपने खून पसीने से सींचा उसे ही अपमानित किया जाने लगा।वाराणसी,भदोही, जौनपुर,चंदौली जैसे बगीचों को खत्म करने के लिए नंगा नाच किया जाने लगा। ईमानदारी वफादारी जैसे बाग में बेईमान दलाली के पौधे लगाए जाने लगे।
लोगो मे फुट डालो के बीज बोए जाने लगे।
उस संस्थान के शीर्ष नेतृत्व चंद कागज के टुकड़ों पर बिकने लगे। ठेले,खोमचे,ऑटो वाले जैसे लोग जिनको पत्रकारिता की ABCD भी पता नही ऐसे लोगो को संस्थान के कार्ड महज कागज के चंद टुकड़ो पर रेवड़ियों की तरह बटने लगे। जिसका उदाहरण भदोही में कभी संयोजक कभी सह संयोजक वाराणसी में भी देखने को मिले।
और अंत मे ऐसे संगठन को तिलांजली देकर बाबा विश्वनाथ,बुद्ध की तपोस्थली से नव निर्माण स्वरूप पत्रकार प्रेस काउंसिल का अवतरण हुआ।इश्वेर से प्रार्थना है पत्रकार प्रेस काउंसिल आसमान की बुलंदियों को छुए।
इन्ही मंगल कामनाओ के साथ ।
आपकाअनुज
आशीष सोनी
राष्ट्रीय सहारा महराजगंज भदोही।
जिला संयोजक-पत्रकार प्रेस काउंसिल-भदोही-यूपी-(भारत)।