कुशल नेतृत्व में 24 घंटे के अंदर पीपीसी की टीम तैयार
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| कार्यकारिणी बैठक को लेकर सारनाथ चर्चा करते पदाधिकारीगण |
संतोष पाण्डेय जी के कलम से......
हमारे आस्था की सबसे बड़ी हार तब होती है जब हम जो चाहते है वह नही मिलता है। लेकिन भाई घनश्याम जी पाठक के सानिध्य में आने के बाद एक संगठन का बैनर मिला जिसमें भाई पाठक जी ने आस्था व विश्वास के साथ एक संगठन रूपी धागे में हमारे जैसे अनेक मोतियों को पिरोकर संगठन की मजबूती के साथ-साथ एक दूसरे के सुख दुख में सहयोग भाव से शामिल होने के साथ पत्रकार हित मे कई अतुलनीय कार्य पिछले तीन वर्षों में किये। लेकिन हमारे बीच के कुछ चन्द गद्दारों ने चन्द दिनों पहले हम सभी भाईयों को अलग करने का प्रयास किया।लेकिन हमारे कुशल नेतृत्व कर्ता पाठक जी ने एक झटके में संगठन को धता बताते हुए उस संगठन से भी काफी अच्छा औेर सक्रिय पत्रकारों का एक संगठन महज 24 घंटे के अंदर खड़ा करके सभी भाइयो को उसमे जोड़कर जो सम्मान दिया वह वाकई में अतुलनीय है।
इसके लिए हम पुनः भाई पाठक जी का आभार ब्यक्त करते हैं। गीता मे लिखा "कौन तुम्हे मार सकता है।क्या लाये थे जो तुमने खो दिया"। तो हम सभी भाई गर्व से कह सकते है कि अकेले आये थे हजारों दिलो में राज करके चले गये। मन की व्यथा थी जो लिख दिया।लेकिन आप भाइयो से अनुरोध है कि कल दिनांक 16/04/2017 दिन रविवार को तथागत की उपदेश स्थली सारनाथ में तय समय 11बजे तक चंदौली,जौनपुर,भदोही,वाराणसी संगठन के सभी पत्रकार भाई "शिवम गेस्ट हाउस " पहुँचे। कई अहम निर्णय भिन्न-भिन्न बिन्दुओं पर पदाधिकारियो द्वारा लिया जाएगा। आपके आगमन की प्रतीक्षा में सारनाथ की पूरी टीम।
इसके लिए हम पुनः भाई पाठक जी का आभार ब्यक्त करते हैं। गीता मे लिखा "कौन तुम्हे मार सकता है।क्या लाये थे जो तुमने खो दिया"। तो हम सभी भाई गर्व से कह सकते है कि अकेले आये थे हजारों दिलो में राज करके चले गये। मन की व्यथा थी जो लिख दिया।लेकिन आप भाइयो से अनुरोध है कि कल दिनांक 16/04/2017 दिन रविवार को तथागत की उपदेश स्थली सारनाथ में तय समय 11बजे तक चंदौली,जौनपुर,भदोही,वाराणसी संगठन के सभी पत्रकार भाई "शिवम गेस्ट हाउस " पहुँचे। कई अहम निर्णय भिन्न-भिन्न बिन्दुओं पर पदाधिकारियो द्वारा लिया जाएगा। आपके आगमन की प्रतीक्षा में सारनाथ की पूरी टीम।
संतोष पाण्डेय जी पीपीसी के मण्डल उपाध्यक्ष हैं और अमर उजाला के पत्रकार हैं।
